Kgf full form क्या हैं और Kgf movie 2018 real story in hindi

Kgf full form क्या हैं : Kgf यानी कोलार गोल्ड फील्ड (Collar gold feild)

Kgf movie 2018 real story पूरी तरह से कोलार गोल्ड फील्ड के सोने के खदानों पर आधारित है।

Kgf कोलार गोल्ड फील्ड कहां स्थित है?

वास्तव में कोलार गोल् फील्ड भारत के कर्नाटक राज्य के कोलार में एक जगह है जहां पर सोने की बहुत सारी खादाने पाई जाती हैं।

वहां पर पहले सोने की खुदाई की जाती थी। परंतु 2001 के बाद भारत सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगाते हुए इसे पूरी तरह से बंद कर दिया था।

यह जगह भारत के बेंगलुरु शहर से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर है।

इस क्षेत्र के अंदर भारत गोल्ड माइनिंग लिमिटेड में काम करने वाले कर्मचारी रहते हैं

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Kgf movie 2018 real story in hindi

जर्नली Kgf फिल्म की पूरी कहानी वास्तविक घटना पर आधारित हैं। इस फिल्म कोलार गोल्ड फील्ड से प्रेरित होकर लिखा गया था। 

फिल्म में : दिखाया जाता है कि 1951 में कर्नाटक के कोलार जिले में एक सोने की खदान मिलती है।

जिसकी जांच करने के लिए कुछ सरकारी कर्मचारी जाते हैं वह उस सोने की खदान का निरीक्षण करना चाहते थे।

परंतु इस फिल्म में सूर्यवर्धन ने उन सरकारी कर्मचारियों को मार कर पूरी सोने की खान पर अपना कब्जा कर लिया था।

  •  वास्तविकता :  जबकि वास्तव में भी 1956 में भारत सरकार ने कोलार गोल्ड फील्ड को राष्ट्रीयकरण कर दिया गया था

फिल्म में : एक और सीन में 1981 में तत्कालीन प्रधानमंत्री रामिका सैन यश को सबसे खतरनाक मुजरिम मान कर उसके खिलाफ डेथ वारैंट जारी कर देती हैं।

यह तब होता है जब राकी, गरुड़ा को मारकर पूरे कोलार गोल्ड फील्ड पर अपना कब्जा कर लेता है।

और वहां सोने को निकलवाने के बाद अपनी मर्जी से दूसरे राज्यों में भेजता है। 

  •  वास्तव में : भी भारत में सन् 1989, 1980 और 1981 में सोने के भाव काफी तेजी से बढ़े थे

Kgf में साइनाइट का प्रदूषण :

भारत के कर्नाटक के कोलार गोल्ड फील्ड से अब तक लगभग 900 टन से भी अधिक सोना खुदाई करके निकाला जा चुका है।

खदानों में से खुदाई करके निकाले गए सोने की सफाई के लिए एक अलग केमिकल का प्रयोग किया जाता था जिसे साइनाइट कहते हैं।

यह एक जहरीला पदार्थ है सोने की मैन्युफैक्चरिंग में साइनाइट के उपयोग के दौरान सोना तो प्राप्त हो जाता है

 पर इस प्रक्रिया के दौरान साइनाइट का बहुत ज्यादा मात्रा में अवशिष्ट निकलता था 

साइनाइट पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाता है और जीवो के लिए हानिकारक है

कई सालों तक खदानों से सोना निकालते रहने से वहां साइनाइट के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ बन गए हैं।

लगभग 32 million Tun  साइनाइड अवशिष्ट के रूप में Kgf से बाहर निकाला जा चुका है। जो वहां के आसपास के क्षेत्रों को काफी नुकसान पहुंचाता है

 इन खदानों के द्वारा हो रहे प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने 2 फरवरी 2001 को Kgf को पूरी तरह से बंद कर दिया था।

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Kgf फिल्म की शूटिंग में आई कठिनाइयां :

Kgf फिल्म की पूरी शूटिंग Kgf के बड़े-बड़े साइनाइट के पहाड़ों के बीच की गई थी।

और रियल लोकेशन पर फिल्म को शूट करने में काफी कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ा था।

यह पूरा क्षेत्र धूल मिट्टी और साइनाइट के अवशेषों से भरा हुआ था।

और हवा चलने पर साइनाइट की धूल न उड़े इसलिए यहां पर बहुत ज्यादा मात्रा में पानी का छिड़काव करके छोटे-छोटे सीन शूट किए जाते थे।

इस बंद हो चुकी Kgf के अंदर ही फिल्म के पूरे सेटअप को लगाकर फिल्म को पूरा शूट किया गया था। 

फिल्म को बड़े पर्दे पर दिखाने के लिए इसमें कई computer graphics एवं VFX का इस्तेमाल किया गया था और इस फिल्म को बड़े पर्दे पर दिखाया गया था।

 Kgf के ऊपर साइनाइट की बनी पहाड़ियों के कारण यहां शूटिंग करने में काफी परेशानियां होती थी।

क्योंकि साइनाइट एक जहरीला कंपाउंड है और जब यहां हवा चलती थी तो वहां उड़ने वाली धूल मिट्टी में साइनाइट भी मिली रहती थी।

जिससे कि एप्टरों को काम करने में काफी परेशानियां होती थी

इसीलिए वहां पर शूटिंग करते समय अधिक मात्रा में वहां पर पानी का छिड़काव किया जाता था। और फिर बाद में छोटे-छोटे सीन शूट किए जाते थे।

KGF chapter 1 फिल्म को बनाने में कितना समय लगा?

Kgf फिल्म की शूटिंग पूरी करने में और इसके सेटअप को तैयार करने में और इस फिल्म की पूरी script लिखने में लगभग 3 साल का समय लग गया था।

KGF chapter 1 फिल्म की पूरी कहानी को 1970 से 1980 के दशक के आस-पास का ही दिखाया गया है

 इसीलिए फिल्म की graphics हो उस समय के हिसाब से काफी rough दिखाया गया है।

इस Rough Look  के साथ मैच होने के लिए यश ने अपने बाल और दाढ़ी  को कई महीनों पहले से ही बढ़ाना शुरू कर दिया था।

और यश ने अपने इस लुक के साथ इस पूरी फिल्म को बना दिया और इस फिल्म की शूटिंग के दौरान यस ने किसी दूसरी फिल्म की शूटिंग के लिए साइन नहीं किया।

Kgf फिल्म के काफी बड़े सीन को Kgf पर बने साइनाइट के पहाड़ों पर ही दिखाए गए हैं।

और हो सकता है कि KGF chapter 1 फिल्म में यही साइनाइट के बड़े बड़े पहाड़ देखने को मिले। 

Kgf फिल्म के डायरेक्टर कौन है?

Kgf Chapter 1 और Kgf Chapter 2 के डायरेक्टर प्रशांत नील है और यह कन्नड़ सिनेमा के एक लोकप्रिय डायरेक्टर हैं

इन्होंने अपना फिल्मी आगमन सन् 2014 की फिल्म उग्रम से किया। उस समय यह फिल्म काफी लोकप्रिय हुई थी

और फिर इनकी दूसरी फिल्म Kgf Chapter 1 कन्नड़ सिनेमा के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। क्योंकि यह फिल्म भी बहुत ज्यादा सुपरहिट हुई थी।

कन्नड़ सिनेमा के लोकप्रिय डायरेक्टर प्रशांत नील केवल 2 फिल्म बनाने से ही यह उस सफलता को हासिल कर चुके हैं जो लोग कई सालों तक नहीं कर पाते।

सन् 2017 में जब इस फिल्म का लगभग 50 प्रतिशत भाग तैयार हो चुका था, तब भारी बारिश के कारण फिल्म का सेटअप पूरी तरह से बर्बाद हो गया था।

कई दिनों तक शूटिंग को भी रोक कर रखना पड़ा था। परंतु बाद में इस सेटअप को फिर से वैसा ही तैयार कर दिया गया था।

और ऐसा करने में काफी कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ा था और साथ ही खर्च भी बढ़ गया था। 

KGF की शूटिंग रियल लोकेशन पर क्यों हुई?

Kgf Chapter 1 फिल्म के डायरेक्टर प्रशांत नील ने इस फिल्म की शूटिंग के लिए कोलार गोल्ड फील्ड की लोकेशन को ही चुना था।

क्योंकि वह किसी आर्टिफिशियल सेटप की बजाय  Kgf फिल्म को रियल लुक देना चाहते थे। उन्होंने Kgf  के दोनों पार्ट को यहीं शूट किया।

Kgf फिल्म कितनी भाषाओं में रिलीज हुई?

Kgf Chapter 1 फिल्म को भारत के कन्नड़ सिनेमा ने डायरेक्ट किया था

यह फिल्म रिलीज होने के बाद इतनी सुपरहिट हुई कि इसके कारण कन्नड़ सिनेमा का औदा हिंदी सिनेमा के बराबर हो गया।

और Kgf Chapter 1 पहली ऐसी कन्नड़ फिल्म थी जिसे हिंदी, तेलुगू, मलयालम, तमिल और कन्नड़ 5 भषाओं में रिलीज किया गया था।

Kgf  का Villain कैसे बना सुपरस्टार?

Kgf Chapter 1 फ़ल्म  के Villain गरुड़ा यानी राम के लिए यह फिल्म एक वरदान साबित हुई।

क्योंकि यह उनकी पहली फिल्म थी। राम कोई अभिनेता नहीं थे वह यश के बॉडीगार्ड थे।

राम पिछले 12 सालों से यश के लिए ड्राइवर और बॉडीगार्ड के रूप में काम कर रहे हैं,

एक बार जब राम और यश दोनों Kgf Chapter 1 फिल्म के बारे में बात कर रहे थे तो फिल्म के डायरेक्टर ने उन्हें बात करते हुए सुना था

और कहा था कि गरुणा का किरदार राम निभा सकता है और यश ने भी राम का काफी सपोर्ट किया और उन्हें एक्टिंग भी सिखाई।

           

हेलो दोस्तों मेरा नाम मुकेश है और मैं www.moviemistakesworld.com ब्लॉक का Founder हूं। ब्लॉगिंग और यूट्यूब मेरा पैशन है और मैं इस फील्ड में पिछले कई सालों से काम कर रहा हूं

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